स्नातक

एक स्नातक हूँ मैं।लेकिन डर इस बात की है कि कहीं नौकरी न मिली तो?ये योग्यताएँ किस काम की कि जिनको पाने के लिए माँ-बाप पैसे चुकाते हैं,बच्चे जी-तोड़ परिश्रम करते हैं?प्रति वर्ष विश्व-विद्यालयों में से न जाने कितने स्नातक बनकर निकलते हैं और पता नहीं और कितने बच्चे दाखिल होते हैं!

आज योग्यताएँ कम,पर सिफ़रिशों के बल पर काम दिए जाते हैं।आज स्थिति ऐसी हो गई है कि रू.40,000 लगते हैं पढ़ाई करने में और हालात से विवश होकर उनको रू5000-10,000 नौकरियाँ  करनी पड़ती हैं।कितनों के पास ये नौकरियाँ भी नहीं हैं.डिग्रियाँ लेकर घर में बैठे रहे हैं।काम के लिए अर्ज़ि देते-देते और ना सुन-सुनकर निराश हो जाते हैं।

क्या करें?कुछ समझ में नहीं आता!कभी नहीं सोचा था कि अच्छी नौकरी मिलना इतना मुस्किल होगा!

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STRANGER

In everyone’s life,it happens
that we come across
someone , somewhere…
Even I found one
After so many days
months…years
A stranger came
so nice,kind,lovable
caring and handsome
He is!
Among all these persons
I think,now I can call
him my own!my dear one!
cross fingers!Just hope we
will stay friends for long
long time……

भाई-बहन का रिश्ता

मेरा एक ही छोटा भाई है। हम दोनों का रिश्ता कितना है अद्भुत! अद्भुत इसलिए क्योंकि हम रोज़ झगड़ते हैं।छोटी हो या बड़ी,हर बात पर लड़ते हैं। माँ कहती है कि तुम किसी कुत्ते-बिल्ली से कम नहीं हो! क्या करें?आदत से मजबूर जो हैं। आप लोगों की भी बहनें होगीं,भाई होंगे,क्या आप लोग उनसे लड़ते नहीं हैं? ज़रूर लड़ते होंगे। अरे,ये भाई-बहन क रिश्ता ही ऐसा है! जब-तक झगड़ा न हो तब-तक मन को शान्ति नहीं मिलती! झगड़ा ही तो प्यार को और मज़बूत कराता है।

मेरा भाई है बहुत शैतान,लेकिन दिल से है बरा नादान! नाम ही है “दयावान”- सब पर है करता दया! बड़ा दिल है उसका लेकिन जब गुस्सा करत है तो वो अपने आप कि भी नहीं सुनता है। मेरी क्या,माँ और पिताजी की भी बोलती बन्द हो जाती है!

अठारह साल का हो चुका है,पर लगता है अभी-भी बच्चा है! क्यों न हो? सबका छोटा जो है। एकलौता  बेटा और एकलौता भाई!झूठ भी बोलता है पर समय आने पर सच उगल देता है।

कितना प्यारा भाई है मेरा!लेकिन हाँ,मैं यह मानती हूँ कि भाई-बहन का रिश्ता कितना प्यारा और अनमोल है।

Some funny English sayings

Have you ever Wondered How would some common English sayings directly translate into hindi?

Have a nice day! —* Achcha din lo!

What’s up? —*Uppar kya hai?

You’re kidding! —*Tum bachcha bana rahe ho!

Don’t kid me! —* Mera bachcha mat banaao!

Yo, baby! What’s up? —* Beti Yo, uppar kya hai?

Cool man! —* Thandaa aadmi!

Check this out, man! —* Iskee chaanbeen karo, aadmi!

Don’t mess with me, dude.—* Mere saath gandagi mat karo, e vyakti.

She’s so fine! —* Woh itnee baareek hai!

Listen buddy, that chick’s mine, okay!?—* Suno dost, woh chooza mera hai, theek?

Hey good looking; what’s cooking? —* Arrey sundarta ki devi; kya pakaa rahee ho?

Are you nuts? —* Kya aap akhrot hain?

Son of a gun.—* Bachcha bandook ka.

Rock the party. —* Party mein patthar feko.

How do you do? —* Kaise karte ho?

Keep in touch —* Chhoote Raho.

Lets hang out! —*Chalo bahar latakte hai

विश्व में हिंदी की स्थिति

विश्व में हिंदी की स्थिति पर चर्चा करते हुए यह जान लेना भी आवश्यक है कि प्रयोक्ताओं की संख्या के आधार पर 1952 में हिंदी विश्व में पांचवे स्थान पर थी. 1980 के आसपास वह चीनी और अंग्रेजी क़े बाद तीसरे स्थान पर आ गई. 1991 की जनगणना में हिंदी को मातृभाषा घोषित करने वालों की संख्या के आधार पर पाया गया कि यह पूरे विश्व में अंग्रेजी भाषियों की संख्या से अधिक है. इतना ही नहीं, डॉ जयंती प्रसाद नौटियाल ने निरंतर 20 वर्ष तक भारत तथा विश्व में भाषाओं संबंधी आंकडों का विश्लेषण करके सिद्ध किया है कि विश्व में हिंदी प्रयोग करने वालों की संख्या चीनी से भी अधिक है और हिंदी अब प्रथम स्थान पर है. उसने विश्व की अंग्रेज़ी समेत अन्य सभी भाषाओं को पीछे छोड़ दिया है.

सन् 1998 के पूर्व, मातृभाषियों की संख्या की दृष्टि से विश्व में सर्वाधिक बोली जाने वाली भाषाओं के जो आँकड़े मिलते थे, उनमें हिन्दी को तीसरा स्थान दिया जाता था । सन् 1997 में सैन्सस ऑफ़ इंडिया का भारतीय भाषाओं के विश्लेषण का ग्रन्थ प्रकाशित होने तथा संसार की भाषाओं की रिपोर्ट तैयार करने के लिए यूनेस्को द्वारा सन् 1998 में भेजी गई यूनेस्को प्रश्नावली के आधार पर उन्हें भारत सरकार के केन्द्रीय हिन्दी संस्थान के तत्कालीन निदेशक प्रोफेसर महावीर सरन जैन द्वारा भेजी गई विस्तृत रिपोर्ट के बाद अब विश्व स्तर पर यह स्वीकृत है कि मातृभाषियों की संख्या की दृष्टि से संसार की भाषाओं में चीनी भाषा के बाद हिन्दी का दूसरा स्थान है। चीनी भाषा के बोलने वालों की संख्या हिन्दी भाषा से अधिक है किन्तु चीनी भाषा का प्रयोग क्षेत्र हिन्दी की अपेक्षा सीमित है। अँगरेज़ी भाषा का प्रयोग क्षेत्र हिन्दी की अपेक्षा अधिक है किन्तु मातृभाषियों की संख्या अँगरेज़ी भाषियों से अधिक है। प्रोफ़ेसर महावीर सरन जैन ने अपने आलेख ” संयुक्त राष्ट्र संघ की आधिकारिक भाषाएँ एवं हिन्दी” में विश्व स्तरीय सन्दर्भ ग्रंथों से प्रमाण प्रस्तुत करते हुए प्रतिपादित किया है कि मातृभाषियों की संख्या की दृष्टि से विश्व में चीनी भाषा के बाद हिन्दी के बोलने वाले सर्वाधिक हैं

Hamaari khushnaseebi

मोरिशस!कित्ना सुन्दर द्वीप हमारा!
बहुत खुशनसीब हैं हम

जो ऐसा देश मिला है

 तड़स आता है मुझे उनपर जिन्होंने

पाकिस्तान,जापान,आफ़्घानिस्तान
जैसे शहर में जन्मा लिया

जहाँ पर सिर्फ़ बम्ब फटने की आवाज़
गोलियों की बरसात
लाशों का बहाव होता है…..

खाने के लिए भोजन नहीं है
पीने के लिए पानी नहीं है
रहने के लिए छत नहीं है

बच्चे-बूढ़े सब भूखे-प्यासे हैं
शरीर उनका कितना कमज़ोर हैं
ढकने के लिए कपड़े तक नहीं हैं

माँएँ अपने बेटों की लाशों पर रोती हैं
बहनें अपने भाइयों की शैया पर रोती हैं
पत्नि अपने पती के शव पर रोती हैं

हाय राम!चारों ओर मातम फैला हुआ है!
कब सुनेंगे ईश्वर इन बेबसों की पुकार पर?
कब-तक यों ही चलता रहेगा?

बहुत खुशनसीब हैं हम
जो इन सबसे दूर हैं हम
सब दुखों से दूर हैं हम

कभी-कभी तो सोचती हूँ
कि वे लोग क्यों जन्में हैं?
दोष क्या है उनका?

जानवरों से बत्तर हालत हैं उनकी
ईश्वर कब महरबान होंगें उनपर?
आखिर कब?

पूजा

रोज़ करते हैं ईश्वर की पूजा

पान-फूल,फल चढ़ाकर

फिर जाकर माँगते हैं अपने

मन की मुराद को

लेकिन अगर बैठकर सोचें

तो देखते हैं कि ये सारा

संसार ईश्वर की देन है

फूल,फल सब उन्हीं की हैं

फिर हम उन्हीं की चीज़ों

को उन्हीं को क्यों चढ़ाते हैं?

क्या इन सबके बिना

पूजा नहीं हो सकती?

क्या बैठे-बैठे घर में,

ईश्वर से कुछ माँग लिया,

तो मन की मुराद पूरी नहीं होती?

अरे!वे लोग भी तो पूजा करते हैं

जिनके मन में खोट या चोरी होती है

पूजा करने के लिए सिर्फ़

हमारा मन साफ़ होना चाहिए

तो फिर ये सब दिखावा क्यों?

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