तमन्ना

तमन्ना

खुशी है इतनी कि शब्दों में बयान नहीं कर सकते
खुशी है इतनी कि शब्दों में बयान नहीं कर सकते…
पर,क्या करें ऐ दिल,कहें बिना रह भी तो नहीं सकते
ज़िंदगी भर जिसकी तमन्ना थी आज वो मिला ज़रूर
पर अभी तक दिल में घबड़ाहट है कि कहीं ये छीन ना जाए..

दिवानी

दिवानी

कोई दिवानी कहती है कोइ पागल समझता है
मगर धरती की बेचैनी को बस पागल समझता है
मैं तुझसे दूर कैसा हूँ तू मुझसे दूर कैसी है
ये तेरा दिल समझता है या मेरा दिल समझता है
कि मोहब्बत एक एहसासों कि पावन-सी कहानी है
कभी कविराज दिवाना था कभी मीरा दिवानी थी
यहाँ सब लोग केहते हैं मेरी आँखों में अँसू है
जो तू समझे तो मोति है जो ना समझे तो पानी है
समन्दर पीड़ का अन्दर है लेकिन वो नहीं रो सकता
ये अँसू प्यार का मोति है इसको खो नहीं सकता
मेरी चाहत को दुल्हन तू बना लेना लेकिन सुन ले
जो मेरा हो नहीं पाया वो तेरा हो नहीं सकता
अभी तक डूबकर सब पढ़ रहे थे प्यार का किस्सा