बिकाऊ दुनिया

बिकाऊ दुनिया

ये देश गुलामों की है |
यहाँ बच्चे के जन्म से माँ की दूध तक सब कुछ बिकता है!

इंसानों की रोज़ बोलियाँ लगती हैं!
अरमान बिकते हैं…

जहां पर शैतान को खुदा मान लिया
वहां पर भगवान् बिकता है!

तो क्या हुआ? तो क्या हुआ,
अगर ये लोग बिक रहे हों तो?

अगर फिल्मों के गाने बिक सकते हैं,
दाम देकर अगर जूते-बर्तन बिक सकते हैं,
तो भला, स्कुल का मास्टर नहीं बिक सकता?
अस्पताल का डाक्टर नहीं बिक सकता?

क्या हुआ अगर बच्चा पढ़ाई से छूट गया हो,
भविष्य ही अंधा हो गया हो?
तो क्या हुआ अगर मरीज़ लड़ते-लड़ते,
जीवन से ही हाथ धो लिया हो?
जेबे तो भरी होनी चाहिए!

अरे! जब घोडा रेस में बिक रहा है,
तो वकील केस में क्यों नहीं बिक सकता?

अगर दिलदार की नगरी में,
दिलवाले बिक रहे हैं,
और बेवफाई के आलम में,
वफादार बिक रहे हैं,
तो दोस्ती में भला कौन बिक रहा होगा?
दोस्त!

निष्ठा

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